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How can we destroy roots of terrorism from Pakistan?

"Every country in world has its own army, but Pakistani Army is only one who has its own country."
 India should bring an act same as CAATSA (Click on Blue to know about it) against Pakistan. Using this act USA told us to stop buying Oil From Iran & now India is about to do it, recently USA again  requested us to stop buying oil from Venezuela. We are a sovereign country guys, we should make reciprocal agreements with them that whenever USA & Allies will stop trade with Pakistan, then India will stop buying Oil from Iran, Venezuela or any other country they want.
And we should make it clear with China that until China's support to Jaish-E-Mohammad is continue we will restrict Chinese product in India one by one. China is in pressure now due to its decreasing growth rate because of ongoing trade war with USA, and we can take advantage of it.

So the path of destroying roots of terrorism in Pakistan is goes through the stoppage of Pakistani trade, then automatically…

चोचले हैं, चोचलों का क्या ?

सीबीआई गई धरने ।
कमिश्नर बोला धर ना❌
प. बंगाल पुलिस ने धरा धराने से पहले🙌
अब दीदी दे रही धराने पर धरना👽 तो जनता बताओं इसमें कौन–सा अलंकार है? अब थोड़ा शब्दालंकार से हट अर्थालंकारों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
जिसका जो भी मत हो रखों करों.. पर ये जितनी भी राजनीति है न इसे कुछ और ही दृष्टि से ना देखो करों जैसे "एक नारी ने किया मर्दों की नाक में दम" , "बंगालियों से पंगा महंगा पड़ता है" , आदि..
ये सब बातें शब्दों में ही अच्छी लगती हैं, अर्थों में ये बातें बेबुनियाद है, जरा सोचो
क्या किसी का नारी होना उसे सही साबित करता है?
क्या सिर्फ बंगाली से ही पंगा महंगा पड़ता है?
ये सब चोचले होते हैं, नासमझ लोगों को बहकाने के अपने समर्थन में भीड़ जमाने के ।
अभी जो चल रहा है वो सिर्फ इसका उदाहरण मात्र है, इस तरह के चोचलों का कई जमाने से प्रयोग होता आया है। मैं पूछता हूं देश की जनता से: चोचला शब्द अच्छा लगा? 😝👻

मेरी रेलयात्रा

ये ठंड का मौसम है। रेलयात्रा का भी अपना एक अलग ही आनंद होता है। रात का सफ़र भले ही कष्टदायक हो पर प्रभा से संध्या के बीच का सफ़र के क्या कहने, न ज्यादा गर्मी लगती न ही ठंड। रेलगाड़ी कहीं ज्यादा देर तक रुकती तो कहीं बस कुछ पलों में रवाना हो जाती। लेकिन जब ज्यादा देर तक रुकती तो कुछ मुसाफ़िर बाहर निकल आते। कंकरीट के प्लेटफ़ॉर्म पर जूता बजाकर टहलने लगते, जेब में हाथ रख जंघे की ऊष्मा सेंकते। जनवरी की धूप का स्पर्श उन्हें तंद्रिल कर देता है, उन्हीं में से कुछ एक बीड़ी फूंकने लगते तो कुछ पानी की बोतल भरने के लिए जल्दबाजी दिखाते। कुछ दिन दुनिया से अलग अपने ही में व्यस्त होते तो कुछ अनजान लोग जिनकी कुछ घंटो पहले ही मित्रता हुई है, वो अपने अपने स्तर पर राजनीति, क्रिकेट जैसे बिंदुओं पर विमर्श करते। कुछ छोटे बच्चे अपने पापा को बाहर देख चंचलित होते, और दूर से ही पप्पा–पप्पा कह उन्हें बुलाते, और उनके पप्पा भी उनके तरफ़ एक हल्की सी मुस्कान के साथ उनकी तरफ़ देखते और फ़िर से बातों में व्यस्त हो जाते जैसे कि वो बहुत ही महत्वपूर्ण चर्चा में व्यस्त हो। और लोग भी उनसे पूछते ’आपकी बच्ची है भाईसाहब’, और फ…

Privacy Vs National Security

"The on Wednesday detained 10 people in connection with its probe into a new module which was allegedly planning to carry out blasts in north India, especially in the national capital, officials said." To know More About it CLICK HERE
It's threatening, but we need to think. In these searches, over 120 sim cards have found, & they was communicating by Social networking sites like Whatsapp or Telegram . What if security agencies like NIA had no power to surveillance some citizen which are influenced by different type of extremist philosophy.
To avoid terrorist attack & for investigation NIA have to invade privacy & snoop their Computer, mobile etc.
So a BIG question arises 👉Which is more important? Privacy or National Security.
It's a big debatable issue & Aadhar Card is most important factor of it. Before rising any question against Aadhar we must consider both factor Privacy as well as Security. Privacy is absolutely a …

मानसिकता की जंग T-Series vs PewDiepie

लड़ाई तो T–Series और अब तक के सबसे ज्यादा Sub scriber वाले यूट्यूब चैनल PewDiepie के बीच थी । पर ये विदेशी चैनल भारत का अपमान कर रहा और इसका साथ देने बहुत से गंदी मानसिकता के लोग इंग्लिश एकता और सर्वोच्चता के नाम पर और भारत को बदनाम करने साथ आ गए हैं। जो लगातार भारत की संस्कृति को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे। मतलब अब एक नई लड़ाई छिड़ गई हैं एक तरफ़ है भारत, इसकी संस्कृति, इसकी भाषा और दूसरी तरफ़ दूसरों को नीचा दिखाने वाली ये अंग्रेज जातिवादी मानसिकता। मैंने ख़ुद आज–तक T–series को Subscribe नहीं किया था पर अब किया क्योंकि इस लड़ाई में वहीं विजेता होगा जिसके Subscriber ज्यादा होंगे। तो चलो अब दिखा देते हैं इन जातिवादी मानसिकता के लोगों को कि कौन बेहतर है। हमें ना जितना है, न तुमको हराना हैं हम तो बस तुम्हारा घमंड चुर करना चाहते हैं PewDiepie . Please Subscribe T–Series

Where Am I going?

Sometimes I think are we really going in right direction?? then I think
"साला ये पढ़ाई लिखाई सब फ़ालतू का चिक्कलस है रे, अपुन को अक्खी दुनिया बोलता कि तु बस ठीक से पढ़ाई करने का और अच्छी नौकरी लगने का मांगता , फ़िर सब ठीक हो जाएगा और लाइफ एकदम सेटल। पर नौकरी तो अपन साला चाहता च नहीं , अपुन को तो फूल संतुष्टि और हैप्पी लाइफ मांगता है, जो कि साला पढ़ाई–लिखाई से घंटा नहीं मिलने वाला।"
थोड़ा मज़ेदार बनाने के लिए भाई की बोली में लिख डाला,, पर बात तो सही है जब हमें कोई अच्छी नौकरी मिल जाएं तब भी मन नहीं भरता, उसके आगे और दूसरी ख्वाहिशें पनपने लगती हैं, फ़िर तीसरी फ़िर चौथी...  मतलब कभी अंत नहीं तुम्हारे लालच का यहां तक कि साला तुमको सीबीआई का डायरेक्टर क्यों न बना दे, तब भी तुम रिश्वत लोगे। अबे जाना किधर है तुमको? करना क्या चाहते हो गुरू? किधर लेके जाएगा ये सब?
ये ख्याल वैसे तो मेरे है, लेकिन हर उस व्यक्ति के मन में उठते होंगे, जो अपनी अच्छी–खासी खुशहाल जिंदगी की वाट लगा के बैठा है, सिर्फ़ नौकरी के लिए।
नोट:– पढ़ाई–लिखाई से मतलब उस शिक्षा से नहीं है जो किसी भी व्यक्ति के विकास मे…

यमन में अकाल, क्या फ़िर से बंगाल? (विश्व आहार दिवस)

1943 का बंगाल–अकाल। माना उस हालत से हमें नहीं गुजरना पड़ा, लेकिन आज जब उसकी तस्वीरों पर नज़र जाती हैं तो रूह कांप जाती है।  इसकी गिनती मानव इतिहास की सबसे भयानक आपदाओं में की जा सकती है। इसमें कलकत्ता की सड़कें हड्डियों के ढांचों से भर गई थी। मुझसे तो लिखा भी नहीं जा रहा, गूगल पर सर्च करके आप ख़ुद तस्वीरें और जानकारी प्राप्त कर सकते हो।
बंगाल अकाल की इतनी भयावहता का कारण प्राकृतिक तो था ही लेकिन वैश्विक मानवता के ठेकेदारों की अनदेखी ने इसमें घी डालने का काम किया था। विंस्टन चर्चिल जिसे द्वितीय विश्वयुद्ध का हीरो माना जाता है उसकी क्रूरता के तो क्या कहने!
आज 75 साल बाद कुछ ऐसे ही हालात यमन में बनें है। यमन ऐतिहासिक रूप से विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक , लेकिन आज वहां भयंकर अकाल है, और इसका कारण प्राकृतिक नहीं बल्कि वहां पर पैदा हुए युद्ध जैसे हालात है। यमन में छिड़ा है गृहयुद्ध जिसे हम दो राजनीतिक शक्तियों का आपसी युद्ध भी कह सकते हैं, जिसमें सऊदी अरब और अमेरिका का हस्तक्षेप भी जगजाहिर है। आज जिसके पास पैसा है उसके पास पावर होती है, और जिसके पास पावर है उसके खिलाफ़ कोई नहीं बोल…